Simple Essay on 'My Family ' in Hindi
निबंध
'मेरा परिवार '
Essay for Kids on My Family in Hindi
'मेरा परिवार '
Essay for Kids on My Family in Hindi
हमारा परिवार बहुत छोटा है। हम घर में पाँच सदस्य रहते हैं । मेरी माँ, मेरे पिताजी , मेरा बड़ा भाई ,मेरी दादी जी और मैं । मेरे बड़े भाई मुझ से दो साल बड़े हैं । हम दोनों एक ही विद्यालय में पढ़ते हैं ।
मेरा भाई आठवीं कक्षा में और मैं छठी में पड़ती हूँ । हम दोनों पैदल विद्यालय जाते हैं क्योंकि हमारा विद्यालय घर के समीप है। मेरे पिताजी एक सरकारी कर्मचारी हैं l वह अपने आफिस बस से ही आते-जाते हैं । मेरी माँ अध्यापिका है। उनका स्कूल घर से कुछ दूरी पर है l वह रिक्शे से विद्यालय जाती हैं l घर में दादी अकेली रहती हैं । अभी वे अपना कार्य स्वयं करने में सक्षम हैं ।
शाम को हम सब इकट्ठे घूमने के लिए बाग में जाते हैं । वहाँ पर माँ-पिताजी भी हमारे साथ बैडमिंटन खेलते हैं l वह दोनों हमें हास्यप्रद चुटकुले और नई-नई कविताएँ भी सुनाते हैं ।
मेरे घर का वातावरण बहुत ही शान्त है । कोई भी आपस में नहीं झगड़ता ।
मेरे घर का वातावरण बहुत ही शान्त है । कोई भी आपस में नहीं झगड़ता ।
समस्याओं का समाधान सब मिलजुलकर कर लेते हैं । घर के महत्त्वपूर्ण निर्णयों में दादी की सलाह अवश्य ली जाती है । उनकी बातों को घर के प्रत्येक सदस्य मानते हैं l वृद्ध होने के कारण उनकी सेवा भी की जाती है। विद्यालय की छुट्टियाँ होने पर पिताजी हमें बाहर घुमाने भी ले जाते हैं । घर का प्रत्येक सदस्य एक-दूसरे से प्रेम से बोलता है । माँ-पिताजी हमें बहुत प्यार करते हैं और हम उन्हें ।
त्यौहारों के अवसर पर हमारे पिताजी हमें नये-नये कपड़े बनवा देते हैं ।
परिवार में रिश्तेदासें का आना-जाना भी लगा रहता है । कभी मेरे मामाजी और उनके बच्चे हमसे मिलने आ जाते हैं और कभी हम लोग उनके घर चले जाते हैं l हम शाकाहारी भोजन करते हैं । दाल, सब्जियाँ और दूध, दही प्रयोग में लाते हैं ।
कभी-कभी मक्खन और मटर पनीर का सेवन भी कर लेते हैं । हमारे परिवार में हमारे पिताजी और माताजी हमारा जन्मदिन बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं । वे अनेक मित्रों को बुलाते हैं । हम अपनी दादी जी और माँ-पिताजी के चरण छूकर आशीर्वाद लेते हैं । मेरी दादी तो इस अवसर पर फूली नहीं समाती l
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें