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Hindi Leave Letter

विद्यालय से अवकाश हेतु   तीन दिनों के लिए आवेदन पत्र लिखिए - प्रेषक अनिल कुमार   चेन्नीमलै , ईरोड पिन 638051   सेवा में, प्रधानाध्यापिका महोदया, शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक उच्च माध्यमिक विद्यालय उलागपुराम   ईरोड I विषय –   विद्यालय से अवकाश हेतु आवेदन पत्र I महोदया,     सविनय नम्र निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय के कक्षा आठवीं का विद्यार्थी हूँ I दिनांक 31 .08.19 से 02 .09 .2019 तक विद्यालय में अनुपस्थित रहूँगा ,क्योंकि मुझे बहुत तेज बुखार है I मुझे डॉक्टर ने सलाह दी है कि मैं दो-तीन दिन घर पर रहकर ही आराम करू I अत : श्रीमती जी से नम्र निवेदन है कि मेरी तीन दिनों की छुट्टी को मंजूर करने की कृपा करेंI आपका आज्ञाकारी शिष्य अनिल कुमार कक्षा – 8

Simple Essay on Rakshabandhan in Hindi

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रक्षाबंधन   रक्षाबंधन   हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है।  इस दिन बहने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं और अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई अपनी बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है। संपूर्ण भारतवर्ष में राखी का त्योहार मनाया जाता है। हम यह पर्व सदियों से मनाते चले आ रहे हैं।इस त्योहार पर बहनें अपने भाई के घर राखी और मिठाइयाँ ले जाती हैं।  भाई राखी बाँधने के पश्चात् अपनी बहन को दक्षिणा स्वरूप रुपए देते हैं या कुछ उपहार देते हैं। इस प्रकार आदान-प्रदान से भाई-बहन के मध्य प्यार और प्रगाढ़ होता है। सन् 1535 में जब मेवाड़ की रानी कर्णावती पर बहादुर शाह ने आक्रमण कर दिया, तो उसने अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर मदद की गुहार की थी। क्योंकि रानी कर्णावती स्वयं एक वीर योद्धा थीं, इसलिए बहादुर शाह का सामना करने के लिए वह स्वयं युद्ध के मैदान में कूद पड़ी थीं, परंतु हुमायूँ का साथ भी उन्हें सफलता नहीं दिला सका। इस दिन सभी नए-नए कपड़े पहनते हैं। सभी का मन हर्ष और उल्लास से भर...

Simple Essay on Pollution in Hindi

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प्रदूषण [P ollution] प्रस्तावना : विज्ञान के इस युग में मानव को जहां कुछ वरदान मिले है, वहां कुछ अभिशाप भी मिले हैं। प्रदूषण एक ऐसा अभिशाप हैं जो विज्ञान की कोख में से जन्मा हैं और जिसे सहने के लिए अधिकांश जनता मजबूर हैं। प्रदूषण का अर्थ : प्रदूषण का अर्थ है -प्राकृतिक संतुलन में दोष पैदा होना। न शुद्ध वायु मिलना, न शुद्ध जल मिलना, न शुद्ध खाद्य मिलना, न शांत वातावरण मिलना। प्रदूषण कई प्रकार का होता है! प्रमुख प्रदूषण हैं - वायु-प्रदूषण, जल-प्रदूषण और ध्वनि-प्रदूषण । वायु-प्रदूषण : महानगरों में यह प्रदूषण अधिक फैला है। वहां चौबीसों घंटे कल-कारखानों का धुआं, मोटर-वाहनों का काला धुआं इस तरह फैल गया है कि स्वस्थ वायु में सांस लेना दूभर हो गया है। मुंबई की महिलाएं धोए हुए वस्त्र छत से उतारने जाती है तो उन पर काले-काले कण जमे हुए पाती है। ये कण सांस के साथ मनुष्य के फेफड़ों में चले जाते हैं और असाध्य रोगों को जन्म देते हैं! यह समस्या वहां अधिक होती हैं जहां सघन आबादी होती है, वृक्षों का अभाव होता है और वातावरण तंग होता है।   जल-प्रदूषण : कल-कारखानों का...

Simple Essay on Mahatama Ghandhi in hindi

महात्मा  गाँधी  राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी  का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। हम उन्हें प्यार से बापू पुकारते हैं। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ।  सभी स्कूलों और शासकीय संस्थानों में 2 अक्टूबर को इनकी जयंती मनाई जाती है।  उन्हीं के प्रेरणा से हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ। गाँधी जी के पिता करमचंद गांधी राजकोट के दीवान थे। इनकी माता का नाम पुतलीबाई था। वह धार्मिक विचारों वाली थी। उन्होंने हमेशा सत्य और अहिंसा के लिए आंदोलन चलाए। गाँधीजी वकालत की शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड भी गए थे।  वहाँ से लौटने के बाद उन्होंने बंबई में वकालत शुरू की। महात्मा गाँधी  सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। एक बार गाँधी जी मुकदमे की पैरवी के लिए दक्षिण अफ्रीका भी गए थे। वह अंग्रेजों द्वारा भारतीयों पर अत्याचार देख बहुत दुखी हुए। उन्होंने डांडी यात्रा भी की। गाँधी जी की 30 जनवरी को प्रार्थना सभा में नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी। महात्मा गाँधी  की समाधि राजघाट दिल्ली पर बनी हुई है।

Simple Essay on My School

मेरा विद्यालय मेरा विद्यालय ईरोड शहर में स्थित है I यह मेरे घर से तीस   मिनट की दूरी पर ही पड़ता है I यह एक आदर्श विद्यालय हैं I मेरा विद्यालय नर्सरी से लेकर कक्षा बारह तक हैI मेरा विद्यालय दो मंजिला इमारत में बना हुआ हैI जिसमें कई   हवादार कक्ष है. मेरे विद्यालय के चारों ओर सफेद रंग किया गया हैI जो कि देखने में बहुत ही सुंदर और मन को शांति पहुंचाता हैI विद्यालय में बीस से अधिक अध्यापक-अध्यापिकाओं का स्टाफ है I जो कि हमें अलग-अलग विषय पढ़ाते हैI   विद्यालय के पीछे एक ग्राउंड है I जिसमें पेड़ पौधे लगे हुए हैं और हम वहीं पर सुबह प्रार्थना करते हैं और आधी छुट्टी होने पर वही पर हम खेलते है I   हमारे विद्यालय का परिणाम हर बार शत-प्रतिशत रहता है. मेरे विद्यालय में कई सांस्कृतिक एवं अन्य प्रतियोगिताएं होती हैI   मेरे विद्यालय के प्रधानाचार्या बहुत ही सज्जन महिला हैं I वह हमें रोज शिक्षाप्रद कहानी सुनाते हैंI   मुझे मेरा विद्यालय बहुत पसंद हैI

Essay of Our Country' India'

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हमारा  देश हमारे देश का नाम भारत है।  इसे  हिंदुस्तान, हिन्दुस्थान ,आर्यावर्त  और भारत नामों  से भी जाना जाता है। मेरे देश की जनसंख्या लगभग 1 अरब 33  करोड़ है। यहां अनेक भाषाओं और बोलियों को बोलने वाले लोग निवास करते हैं। भारत देश का नाम प्राचीन हिंदू राजा “भरत” के नाम पर पड़ा है. जो ऋषभदेव के सबसे बड़े बेटे थे। अंग्रेजी में भारत को INDIA कहते हैं जो INDUS शब्द से बना है, सिंधु नदी को अंग्रेजी में INDUS कहते हैं। वैदिक काल में भारत को आर्यावर्त (जंबूद्वीप) भी कहा जाता था। अंग्रेजों के आने से पहले भारत को “सोने की चिड़िया’ कहकर भी पुकारा जाता था। हमारा  देश धार्मिक विविधता वाला देश है। हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, मुस्लिम आदि धर्मों को यहां एक समान दृष्टि से देखा जाता है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। भारत वर्तमान समय में विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह एक कृषि प्रधान देश है यहां की 70% आबादी गांवों में निवास करती है। भारत देश तीन तरफ से महासागरों से घिरा हुआ है। पूरब में यह बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। दक्षिण में इसके हिंद ...

Simple Essay on 'Diwali'

दीवाली भारत एक विशाल देश है जहां पर प्रत्येक दिन कोई ना कोई त्योहार   मनाया जाता हैI इनमें सबसे बड़ा त्योहार दीवाली को माना जाता है Iदीवाली को दीपावली भी कहते है Iदीवाली का त्योहार सितंबर से अक्टूबर माह के बीच में आता हैI इस त्योहार को प्रमुख रूप से हिंदू धर्म के लोगों द्वारा खूब धूमधाम से मनाया जाता हैI इस त्योहार को मनाने के लिए लोग महीने भर पहले से ही तैयारियां करनी चालू कर देते है I सभी लोग अपने घरों दुकानों और अपने आसपास के क्षेत्र की सफाई करते है और अपने घरों को रंग बिरंगे रंगों से रंगते है I दीपावली के त्योहार को मनाने की प्रमुख वजह यह है, कि इस दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौट कर आए थे और अयोध्या के निवासियों ने उनके स्वागत के लिए घी के दीपक जलाए थेI जिसके कारण पूरा अयोध्या रोशनी से चमक उठा थाI इसीलिए दीपावली के दिन घोर अंधेरे को पराजित करने के लिए दीपक जलाए जाते हैI दीपावली के दिन प्रमुख रूप से माँ लक्ष्मी, भगवान गणेश तथा माँ सरस्वती की भी पूजा की जाती हैI दीपावली के दिन पूरा भारत रोशनी से जगमग हो उठता है और   चारों ओर खुशहाली ही खुशहाली छ...

Hindi Leave application Format

विद्यालय से अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र – Hindi Application to Principal for Leave सेवा में, प्रधानाचार्य, शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक उच्च माध्यमिक विद्यालय ( विद्यालय का नाम) इरोड ( विद्यालय का पता) विषय –  विद्यालय से अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र महोदय / महोदया,                           सविनय नम्र निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय के कक्षा 10वीं का विद्यार्थी हूं. दिनांक 12.08.19 से 14.08.2019 तक विद्यालय में अनुपस्थित रहूंगा,क्योंकि मुझे बहुत तेज बुखार है मुझे डॉक्टर ने सलाह दी है कि मैं दो-तीन दिन घर पर रहकर ही आराम करूं , ( यहां पर आप कोई भी कारण लिख सकते हैं जैसे कि भाई बहन की शादी हैं पिकनिक पर जाना है या फिर अन्य कोई कारण) इसलिए आप से निवेदन हैं कि मेंरी  का पांच दिनों की छुट्टी मंजूर करने की कृपा करे ।   आपका आज्ञाकारी शिष्य गौतम कुमार कक्षा – 10 क्रमांक – 1

Simple Essay on 'Bakrid' in Hindi

बकरीद 'बकरीद' मुसलमानों का एक प्रसिद्द त्यौहार है। इसे 'ईद-उल-ज़ुहा' अथवा 'ईद-उल-अज़हा' के नाम से भी जानते हैं। यह बलिदान का पर्व है। यह हर साल मुस्लिम माह जुल-हिज्जा के दसवें दिन मनाया जाता है।  माना जाता है कि पैगंबर हज़रत इब्राहीम को ईश्वर की ओर से हुक्म आया कि वह अपनी सबसे अधिक प्यारी वस्तु की कुर्बानी दे। हज़रत के लिए उनका बेटा सबसे अधिक प्यारा था। ईश्वर का हुक्म उनके लिए पत्थर की लकीर था। वह उसे मानने के लिए तैयार थे। कुर्बानी से पहले उन्होंने इस विषय पर बेटे से बात की। बेटे ने पिता के फैसले को सही बताया और हँसते-हँसते कुर्बान हो गया। पिता और बेटे की भक्ति देखकर ईश्वर प्रसन्न हुए और उन्होंने हज़रत के बेटे को जीवनदान दिया। तबसे लेकर आज तक इसे मनाया जाता है।  बकरीद की तैयारी त्यौहार के कई दिनों पहले से आरम्भ हो जाती है। परिवार के सभी सदस्यों के लिए नए कपड़े खरीदे जाते हैं। इस त्यौहार में बकरे की बलि देने का विधान है। अतः बकरे खरीदे जाते हैं। बकरे की कुर्बानी के बाद उसके गोश्त को तीन भागों में विभक्त किया जाता है। इसका एक भाग परिवार के लिए, दूसरा भाग सं...

Simple Essay on 'My Family ' in Hindi

                           निबंध                        ' मेरा परिवार ' Essay for Kids  on My Family in Hindi हमारा परिवार बहुत छोटा है। हम घर में पाँच सदस्य रहते हैं । मेरी माँ, मेरे पिताजी , मेरा बड़ा भाई ,मेरी दादी जी और मैं ।  मेरे बड़े भाई मुझ से दो साल बड़े हैं । हम दोनों एक ही विद्यालय में पढ़ते हैं । मेरा भाई आठवीं कक्षा में और मैं छठी में पड़ती हूँ । हम दोनों पैदल विद्यालय जाते हैं क्योंकि हमारा विद्यालय घर के समीप है। मेरे पिताजी एक सरकारी कर्मचारी हैं l वह अपने आफिस बस से ही आते-जाते हैं । मेरी माँ अध्यापिका है। उनका स्कूल घर से कुछ दूरी पर है l वह रिक्शे से विद्यालय जाती हैं l घर में दादी अकेली रहती हैं । अभी वे अपना कार्य स्वयं करने में सक्षम हैं । शाम को हम सब इकट्ठे घूमने के लिए बाग में जाते हैं । वहाँ पर माँ-पिताजी भी ...