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Class 10 Hindi Sparsh book Chapter 15 – Ab kahan Doosron ke Dukh se Dukhi Hone Wale CHAPTER MCQ #अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले #MCQ_WITH_ANSWER

  Q1- इस कहानी के लेखक कौन है ? A) निदा फ़ाज़ली B) अंतोन C) खुशवंत सिंह D) कोई नहीं Q2- निदा फाज़ली का जन्म कब हुआ ? A) १२ अक्टूबर १९३८ में B) १९३६ में C) १९७८ में D) कोई नहीं   Q3- निदा फाज़ली का जन्म कहा हुआ ? A) लाल किला में B) दिल्ली में C) जयपुर में D) कोई नहीं Q4- निदा फाज़ली किसके महत्त्वपूर्ण स्तम्भ माने जाते है ? A) उर्दू की साठोस्तरी कविता के B) कविता के C) कहानी के D) कोई नहीं   Q5- निदा फ़ाजली की प्रमुख रचनाओं के नाम बतायें | A) लफ़्जों का पुल, खोया हुआ सा B) दीवारों के बीच, दीवारों के पार C) तमाशा मेरे आगे D) सभी Q6- लेखक के अनुसार किस तरह के लोग अब नहीं हैं ? A) सूझ बूझ वाले B) दूसरो के दुःख में दुखी होने वाले C) अमीर D) कोई नहीं Q7- सुलेमान किसके साथ रास्ते से गुज़र रहा था ? A) अपने घोड़े के साथ B) अपनी बच्चो के साथ C) अपने लश्कर के साथ D) कोई नहीं Q8- घोड़ों के टापों की आवाज़ किसने सुनी ? A) घोड़ों ने B) सुलेमान ने C) चींटियों ने D) किसी ने नही Q9- चींटिया एक दूसरे को कहाँ चलने को कह रहीं थी ? A) पेड़ पर B) खेतों में C) अपने अपने बिलों में D) नदी में Q10- ...

मनुष्यता

मनुष्यता कवि परिचय कवि – मैथिलीशरण गुप्त जन्म – 1886( चिरगाँव ) मृत्यु – 1964 मनुष्यता पाठ प्रवेश (Manushyta Introduction ) प्रकृति के अन्य प्राणियों की तुलना में मनुष्य में सोचने की शक्ति अधिक होती है। वह अपने ही नहीं दूसरों के सुख – दुःख का भी ख्याल रखता है और दूसरों के लिप्रस्तुत पाठ का कवि अपनों के सुख – दुःख की चिंता करने वालों को मनुष्य तो मानता है परन्तु यह मानने को तैयार नहीं है कि उन मनुष्यों में मनुष्यता के सारे गुण होते हैं। कवि केवल उन मनुष्यों को महान मानता है जो अपनों के सुख – दुःख से पहले दूसरों की चिंता करते हैं। वह मनुष्यों में ऐसे गुण चाहता है जिसके कारण कोई भी मनुष्य इस मृत्युलोक से चले जाने के बाद भी सदियों तक दूसरों की यादों में रहता है अर्थात वह मृत्यु के बाद भी अमर रहता है। आखिर क्या है वे गुण ? यह इस पाठ में जानेंगे –ए कुछ करने में समर्थ होता है। जानवर जब चरागाह में जाते हैं तो केवल अपने लिए चर कर आते हैं, परन्तु मनुष्य ऐसा नहीं है। वह जो कुछ भी कमाता है ,जो कुछ भी बनाता है ,वह दूसरों के लिए भी करता है और दूसरों की सहायता से भी करता है।   प्रस्तुत पाठ का कवि ...